बिनसर वन्यजीव विहार में वनाग्नि मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सख्त, वन संरक्षक एवं डीएफओ को निलंबित, सीसीएफ कुमाऊँ को प्रमुख वन संरक्षक हॉफ के कार्यालय से किया गया सम्बद्ध

बिनसर वन्यजीव विहार में वनाग्नि मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सख्त, वन संरक्षक एवं डीएफओ को निलंबित, सीसीएफ कुमाऊँ को प्रमुख वन संरक्षक हॉफ के कार्यालय से किया गया सम्बद्ध
  • वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं वृत्त, अल्मोड़ा तथा प्रभारी प्रभागीय वनाधिकारी, सिविल सोयम वन प्रभाग, अल्मोड़ा किये गये निलंबित।
  • मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं को तत्काल प्रभाव से प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) के कार्यालय से किया गया सम्बद्ध।
  • किसी भी तरह की लापरवाही में अब होगी कठोर कार्यवाही : मुख्यमंत्री
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर  पी.के पात्रो मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं को तत्काल प्रभाव से प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ), उत्तराखण्ड देहरादून के कार्यालय से सम्बद्ध किया गया है तथा कोको रोसे, वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं वृत्त, अल्मोड़ा, ध्रुव सिंह मर्तोलिया, प्रभारी प्रभागीय वनाधिकारी, सिविल सोयम वन प्रभाग, अल्मोड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है जब कि  हेम चन्द्र गहतोड़ी, सहायक वन संरक्षक नैनीताल को स्थानान्तरित कर सिविल सोयम वन प्रभाग, अल्मोड़ा में तैनात किया गया है।
सचिवालय में मीडिया से अनौपचारिक वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगतों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घटना में चार घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि उन्हें बेहतर से बेहतर ईलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि एयर एम्बुलेंस से घायल कर्मचारियों को बेहतर इलाज हेतु एम्स, दिल्ली भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की घटना पर उनके द्वारा पूर्व में ही स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अपने दायित्वों के निर्वाह में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अधिकारियों को धरातल पर उतरने के निर्देश दिए जाते रहे हैं। पूर्व में जारी किए गए आदेश अनुसार प्रत्येक वन कर्मी और फायर वॉचर का बीमा कराए जाने का फैसला लिया गया है, यदि इस कार्य में भी कोई लापरवाही बरती गई होगी तो आगे भी करवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सभी को यह स्पष्ट होना चाहिए कि किसी भी तरह की लापरवाही में अब सीधे कठोर कार्यवाही होगी।