SGRR आईएम एण्ड एचएस में रैडिएशन ऑन्कोलाॅजी पर दो दिवसीय शिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

देहरादून। एसोसिएशन ऑफ रैडिएशन ऑन्कोलाॅजिस्टस ऑफ इंडिया (ए.आर.ओ.आई.) की शैक्षणिक शाखा इंडियन काॅलेज ऑफ रैडिएशन ऑन्कोलाॅजी (आई.सी.आर.ओ.) के द्वारा दो दिवसीय ( 30 अगस्त 2025-31 अगस्त 2025) 50 वां ईकरो (इंडियन काॅलेज ऑफ रैडिएशन ऑन्कोलाॅजी) शिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। “लैडंमार्क ट्राइल्स एण्ड प्रैक्टिस चेन्जिग एविडैंस इन ब्रेस्ट, हैड एण्ड नैक, गैस्ट्रोइन्टसटाईनल एण्ड गाईनिक कैंसर ” विषय पर आधारित इस शिक्षण कार्यक्रम का आयोजन श्री गुरु राम राय इस्टीटयूट ऑफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज के सभागार में किया जा रहा है।
आज कार्यक्रम के प्रथम दिवस का शुभारंभ एसजीआरआरआईएमएण्डएचएस के प्राचार्य एवं मुख्य अतिथि डाॅ. अशोक नायक, निदेशक, एसजीआरआरआईएमएण्डएचएस व कार्यक्रम के आर्गेनाइजिंग चेयरमैन डाॅ. मनोज गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, डाॅ. अनिल मलिक, चिकित्साधीक्षक, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, डाॅ. अजय पंड़िता, अध्यक्ष ए.आर.ओ.आई., डाॅ. एस.एन. सेनापति, आई.सी.आर.ओ. चेयरपर्सन, डाॅ. सरबनी घोष लस्कर एवं सनफार्मा कंपनी के अधिकारी श्री अरविन्द सूरी के द्वारा सयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
इस शिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य रैडिएशन ऑन्कोलाॅजी में स्नाकोत्तर अध्ययनरत मेडिकल छात्र-छात्राओं को स्तन, सिर व गला, गैस्ट्रोइन्टसटाईनल कैंसर व गाइनी कैंसर के क्षेत्र में विश्व भर मे हो रहे नवीन शोध कार्यो व चिकित्सीय पद्वतियों के विषय मे शिक्षित करना है। कार्यक्रम मे रैडिएशन ऑन्कोलाॅजी विशेषज्ञों ने प्रतिभाग कर रहे छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन व ज्ञानवर्धन किया। इस शिक्षण कार्यक्रम में जिपमर पाॅडीचेरी मेडिकल काॅलेज, टाटा अस्पताल मुंबई, टाटा इस्टीट्यूट संगरूर, टाटा इस्टीट्यूट मुल्लापुर, एम्स ऋषिकेश, पीजीआई चंड़ीगढ, फोर्टिस अस्पताल, मेक्स हास्पिटल, अपोलो अस्पताल, राजीव गाांधी मेडिकल काॅलेज, आईजीएमसी शिमला जैसे प्रतिष्ठित मेडिकल सस्थानो से आए सौ से अधिक रैडिएशन ऑन्कालाॅजी में स्नाकोत्तर अध्ययनरत छात्र-छात्राओं व डाक्टरो ने प्रतिभाग किया। इस शिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में डाॅ. वी. श्रीनिवासन, डाॅ. सी.एस. मधु, डाॅ. राजेश वशिष्ठ, डाॅ. पूजा नंदवानी पटेल, डाॅ. गौतम के शरण, डाॅ. रचित आहूजा, डाॅ. देबांजन सिक्दर व जनसम्पर्क अधिकारी विवेक शर्मा का भी विशेष सहयोग रहा।