Home उत्तराखण्ड रवांल्टी कविता ‘बूट-बूटकुण’ के लिए निखिल राणा को राज्य में द्वितीय स्थान

रवांल्टी कविता ‘बूट-बूटकुण’ के लिए निखिल राणा को राज्य में द्वितीय स्थान

by Skgnews
  • रवांई की माटी के दो होनहारों ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, निखिल राणा और मन्नत रावत राज्य स्तर पर सम्मानित.

पुरोला। रवांई क्षेत्र के लिए गौरव का एक और अवसर सामने आया है। राजकीय इंटर कॉलेज मोल्टाड़ी, पुरोला में कक्षा 11 में अध्ययनरत छात्र निखिल राणा ने उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कविता लेखन प्रतियोगिता में रवांल्टी भाषा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान हासिल किया है। निखिल को उनकी रवांल्टी कविता ‘बूट-बूटकुण’ के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।

उत्तराखण्ड भाषा संस्थान की ओर से राज्य की विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए हिन्दी, पंजाबी, उर्दू, नेपाली तथा उत्तराखण्ड की लोक भाषाओं में निबंध, एकांकी और कविता लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। रवांल्टी भाषा में निखिल राणा की रचना ने निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें राज्य स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त हुआ।

देहरादून में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में निखिल राणा को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, अध्ययन सामग्री, अंगवस्त्र तथा पांच हजार रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया।

समारोह में रायपुर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, छावनी विधायक सविता कपूर, कृषि मंत्री गणेश जोशी, कुमाऊं विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. जगत सिंह बिष्ट, वरिष्ठ साहित्यकार जितेन ठाकुर, हयात सिंह रावत, भारती पांडे, संस्कृत विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. सुधा रानी पांडे, भाषा सचिव उमेश नारायण पांडेय तथा उत्तराखण्ड भाषा संस्थान की उप निदेशक जसविन्दर कौर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

मन्नत रावत ने भी बढ़ाया रवांई का मान

रवांई क्षेत्र की ही कक्षा 10 की छात्रा कु. मन्नत रावत ने भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। हिन्दी में एकांकी लेखन के लिए उनकी रचना ‘नदी जो अब भी बहती है’ को प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया। मन्नत को सात हजार रुपये की धनराशि, स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र, अध्ययन सामग्री और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

एक ही क्षेत्र के दो छात्र-छात्राओं द्वारा राज्य स्तर पर साहित्यिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किए जाने से रवांई क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और साहित्य प्रेमियों ने निखिल राणा और मन्नत रावत की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

लोगों का कहना है कि इन युवा प्रतिभाओं की उपलब्धियां न केवल उनके परिवार और शिक्षण संस्थानों, बल्कि पूरी रवांई घाटी के लिए गर्व का विषय हैं। विशेष रूप से रवांल्टी जैसी लोकभाषा में राज्य स्तर पर पुरस्कार हासिल करना क्षेत्र की लोकभाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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