श्रीनगर : हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर में विधिक सेवा एवं सहायता केंद्र का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी की जूनियर डिवीजन कह सिविल जज अल्का ने विधिवत विधिक सेवा एवं सहायता केंद्र का उद्घाटन किया।
इस मौके पर गढ़वाल विवि के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओपी गुसांई ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में स्थापित यह केन्द्र छात्र-छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। कहा कि केन्द्र समय-समय पर विधिक जागरूकता से सम्बिन्धित कार्यक्रमों का संचालन करता रहेगा।
सिविल जज अलका ने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों, साइबर कानूनों की जानकारी तथा डिजिटल सुरक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड एवं सोशल मीडिया दुरुपयोग से सतर्क रहने का संदेश दिया साथ ही लोक अदालतों के महत्व के बारे में भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में मुख्य नियंता प्रो. दीपक कुमार ने विद्यार्थियों से डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी पूर्वक उपयोग करने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में साइबर सेल से संपर्क करने का आह्वान किया। इस अवसर पर अधिवक्ता प्रमेश चंद्र जोशी ने साइबर सेल के माध्यम से विद्यार्थियों को मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता, परामर्श एवं शिकायत निवारण की प्रक्रिया की जानकारी दी तथा छात्रों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
नोडल अधिकारी डॉ. अनु राही ने विद्यार्थियों को साइबर सेल के उद्देश्य, उपयोग एवं सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह केंद्र विद्यार्थियों को निःशुल्क कानूनी मार्गदर्शन, शिकायत पंजीकरण तथा तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा। कार्यक्रम में डॉ. नरेंद्र, सुरक्षा अधिकारी हेम जोशी, एपीओ अपर्णा अवस्थी, अधिवक्ता अनूप पांथरी सहित विश्वविद्यालय के छात्र-छात्रायें उपस्थित रहें।
इस केंद्र की प्राविधिक स्वयंसेवी प्रियंका रॉय, साइबर सेल की प्रतिनिधि दीपशिखा ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों जैसे फिशिंग, हैकिंग, डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी एवं ऑनलाइन उत्पीड़न के विषय में विस्तार से अवगत कराया। सीआईयू से मनोज कुमार ने तकनीकी एवं जांच संबंधी पहलुओं पर प्रकाश डाला।


