चमोली : उत्तराखंड के चमोली जिले में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। रविवार रात से शुरू हुई भारी बर्फबारी ने बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, औली, जोशीमठ, नीति-मलारी घाटी, पाणा-ईराणी गांवों और अन्य उच्च हिमालयी क्षेत्रों को सफेद चादर से ढक दिया है। बदरीनाथ धाम में 3 से 4 फीट तक बर्फ जमा होने से मंदिर परिसर और आसपास की चोटियां चांदी की तरह चमक रही हैं, जिससे नजारा बेहद मनोरम और अलौकिक हो गया है।
बर्फबारी के कारण क्षेत्र में तापमान में तेज गिरावट आई है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बदरीनाथ में तापमान शून्य से नीचे -16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। निचले इलाकों में बारिश से भी ठंड बढ़ी है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह बदलाव आया है। मार्च के मध्य में गर्मी बढ़ने और सूखे की आशंका थी, लेकिन अब बारिश-बर्फबारी से राहत मिली है।
पर्यटकों में खासा उत्साह है। औली में स्कीइंग और अन्य स्नो एक्टिविटीज का मजा लेने के लिए सैलानी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बर्फबारी के बाद दृश्य देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध है, हालांकि ठंड से सावधानी बरतनी पड़ रही है।
किसानों के लिए यह वरदान साबित हो रही है। स्थानीय काश्तकारों का कहना है कि समय पर बारिश और बर्फबारी से मिट्टी में नमी बनी रहती है, फसलें अच्छी पकती हैं और उत्पादन बढ़ता है। यदि सूखा पड़ता तो फसलों को नुकसान होता।
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को कुछ इलाकों में मौसम साफ रहा और धूप खिली, लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बरकरार है। प्रशासन ने पर्यटकों और यात्रियों से अपील की है कि बर्फबारी के दौरान सड़कों पर सतर्क रहें, आवश्यक सावधानियां बरतें और मौसम अपडेट फॉलो करें।

