ज्योतिर्मठ। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मंगलवार को ज्योतिर्मठ क्षेत्र का सघन दौरा कर पुनर्निर्माण और सुरक्षा से जुड़े कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अलकनंदा नदी के तट पर मारवाड़ी पुल से विष्णुप्रयाग पुल तक निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार का औचक निरीक्षण किया।
सिंचाई विभाग द्वारा लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की जा रही 230 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार और मारवाड़ी क्षेत्र में चल रहे स्लाइड स्थिरीकरण कार्यों का जायजा लेते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि ज्योर्तिमठ की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्माणदायी संस्था को गुणवत्ता से कोई समझौता न करते हुए कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
सड़क की दरारों पर सख्त रुख
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जीरोबैंड क्षेत्र में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर उभर आई दरारों का भी बारीकी से परीक्षण किया। आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए उन्होंने बीआरओ (BRO) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पूर्व सड़क की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यात्रियों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
सीवर, ड्रेनेज और स्थिरीकरण कार्यों का अगला चरण
ज्योतिर्मठ के भविष्य को लेकर जिलाधिकारी ने बताया कि जनवरी माह के भीतर क्षेत्र में बहुप्रतीक्षित सीवर और ड्रेनेज सिस्टम के कार्य शुरू होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही दूसरे चरण में लोक निर्माण विभाग के माध्यम से भूमि स्थिरीकरण कार्यों को भी शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 की भू-धंसाव त्रासदी के बाद केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से ज्योर्तिमठ को सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के एई मनोज असवाल, जेई अमित लिंगवाल, संजय पुरोहित, राज्य आपदा प्रबंधन कंसलटेंट विवेक तिवारी और आशीष कौशिक सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

