देहरादून। बदरीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित अनियमितता के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूरे प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच की मांग की है।
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि मामले की ऐसी जांच होनी चाहिए, जिस पर सभी पक्षों को भरोसा हो। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अपने पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के बेहतर प्रबंधन के लिए देवस्थानम बोर्ड जैसी व्यवस्था की आवश्यकता है।
उधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी जांच समिति की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों पर सवाल उठ रहे हैं, उनसे जुड़े लोगों को ही जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया है, जिससे जांच की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।
गोदियाल ने मांग की कि मामले की जांच विधानसभा की संयुक्त समिति से कराई जाए, जिसकी अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष करें। उन्होंने कहा कि यदि यह संभव नहीं है तो जांच की निगरानी उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश की देखरेख में कराई जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार को इस मामले में निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई का अवसर मिला है, लेकिन अब तक उठाए गए कदमों से उसकी मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह केवल स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच को ही स्वीकार करेगी।

