Home उत्तराखण्ड नागरिक मंच ने कोटद्वार की प्रमुख समस्याओं का निदान न हो पाने का कारण जनप्रतिनिधियों की उदासीनता बताया

नागरिक मंच ने कोटद्वार की प्रमुख समस्याओं का निदान न हो पाने का कारण जनप्रतिनिधियों की उदासीनता बताया

by Skgnews

कोटद्वार। कोटद्वार की प्रमुख समस्याओं का निराकरण न हो पाने की वजह से कोटद्वार नागरिक मंच के तत्वाधान में कोटद्वार के नागरिकों ने शनिवार को तहसील प्रांगण में धरना दिया। कोटद्वार नागरिक मंच के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश नैथानी ने कहा कि बड़ी शर्म की बात है कि जनप्रतिनिधियों के द्वारा कोटद्वार के विकास के बड़े बड़े दावे तो किये जाते हैं मगर धरातल पर कोटद्वार की प्रमुख समस्यायें जस की तस हैं।

धरने पर बोलते हुए गोविंद डंडरियाल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण गढ़वाली भाषा आने वाले 25 सालों में विलुप्त होने के कगार पर पहुँच जायेगी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज तुरंत बनाये जाने की मांग की।

इस अवसर पर विनोद सामंत ने बताया आयुर्वेदिक चिकित्सा के नाम पर केवल सरकारी धन की बर्बादी हो रही है। आयुष चिकित्सा में हो रहे कार्यों  की ओर कोई जनप्रतिनिधि ढंग से देख तक नहीं रहा है, इस वजह से करोड़ों के खर्च के बाद भी कोटद्वार के आम नागरिकों को आयुष चिकित्सा का लाभ नहीं मिल पा रहा है

गोपाल कृष्ण बर्थवाल ने कहा कि मोदी शासन काल में चुने गये प्रतिनिधि विकास नहीं कर पा रहे हैं उन्हें मोदी स्तुति से फुर्सत ही नहीं है । उन्होंने कहा कि कोटद्वार के विकास के लिए परिवर्तन की जरूरत है पिछली बार हम चूक गये थे।

राजेंद्र प्रसाद पंत ने कहा कि नॉट कॉर्बेट रिजॉर्ट में फ्लैश  डोर फैक्ट्री को जानबूझ कर बंद करवाया गया। फ़्लैश डोर फ़ ट्राई स्थानीय युवाओं को रोजगार का जरिए थी जिसे खत्म किया गया और 14 करोड़ की धनराशि लगाने के बाद भी नॉर्थ कॉर्बेट रिजॉर्ट खस्ता हालत में है और जनप्रतिनिधि इतने सक्षम नहीं हैं कि इसके दोषियों को सजा दे सकें और रिसॉर्ट का संचालन शुरू करवा सकें।

मुजीब नैथानी ने कहा कि मोटर नगर मामला जनप्रतिनिधियों की वजह से ठेकेदार के पक्ष में जा रहा है। जिस तरह से जिला अभियोजन कार्यालय द्वारा नगर आयुक्त की कर्तव्यहीनता को उजागर किया गया है, स्पष्ट होता है कि अधिकारियों की ठेकेदार के साथ मिलीभगत है।

धरना देने वालों में एडवोकेट जगदीश चन्द्र जोशी, राकेश अग्रवाल, चित्रमणि देवलियाल, शंकरदत्त गौड़, अयोध्या प्रसाद शर्मा, बली  राम, दिनेश जुयाल, विजय पाल नेगी, भारत मोहन काला, अतुल भट्ट, दर्श चंद्र माधवल, जनार्दन प्रसाद ध्यानी, हरीश चंद्र कुंडलिया, केसी राम निराला, हर्षवर्धन ध्यानी, सुबोध कुमार देवरानी, कैप्टन पी एल खंतवाल, प्रवेश चंद्र नवानी, राकेश चंद्र लखेड़ा, इंद्रमणि देवरानी, पदमेंद्र सिंह नेगी, शशि मोहन उनियाल, सीके असवाल, अर्जुन सिंह रावत,  एसएन नौटियाल, वीरेंद्र सिंह रावत, विनोद कुमार नेगी, सुदीप बौठियाल, अशोक तौलियाल, रमेश सिंह नेगी, रत्नेश पोखरियाल, रिपुदमन बिष्ट, सुनील कुमार कोटनाला, वेद प्रकाश पंथवल, हुकुम सिंह पटवाल शामिल थे। 

related posts