गोपेश्वर (चमोली)। भराड़ीसैण में चल रहे विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गैरसैण स्थाई राजधानी घोषित न होने पर अब उक्रांद विधायकों को भराड़ीसैण से ही न निकल जाने का नायाब तरीका अपनाया है। इसके तहत विधायकों को भराड़ीसैण से न निकलने देने के लिए कार्यकर्ता सड़कों पर ही लेट जाएंगे।
उक्रांद ने गैरसैण स्थाई राजधानी को लेकर अब डू एंड डाई के फार्मूले पर काम करना शुरू कर दिया है। बजट सत्र के पहले दिन स्थाई राजधानी घोषित करने को लेकर उक्रांद ने विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस को खूब छकाया था। इसके चलते जंगलों के रास्ते कार्यकर्ता भराड़ीसैण विधानसभा परिसर के नीचे तक पहुंच गए थे। यही नहीं उन्होंने पांच बैरियरों को भी पार कर दिया था। राज्य बनने के बाद स्थाई राजधानी को लेकर इसे उक्रांद का यह कदम काबिलेगौर देखने को मिला था। अब जबकि चुनावी तैयारियों का साल चल रहा है तो उक्रांद ने भाजपा तथा कांग्रेस को स्थाई राजधानी गैरसैण बनाने को लेकर दोनों दलों को घेरना शुरू कर दिया है। स्थाई राजधानी को लेकर सत्ता प्रतिष्ठान से लेकर विपक्षी कांग्रेस में कोई हलचल नहीं दिखाई दे रही है। इसके चलते उक्रांद कार्यकर्ताओं ने अब स्थाई राजधानी बजट सत्र के दौरान ही घोषित करने को लेकर नायाब रणनीति तैयार की है। इसके तहत उक्रांद कार्यकर्ताओं ने गुरूवार को सिमली तथा कुमाऊं सीमा पांडुवाखाल विधायकों को रोकने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। उक्रांद युवा प्रकोष्ठ केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं को भनक लगी कि सत्र गुरूवार को ही निपट सकता है। इसके चलते उक्रांद कार्यकर्ता सिमली और पांडुवाखाल में एकत्रित हुए और भराड़ीसैण से दोनों ओर से जा रहे वाहनों को चेक करने लगे। उनकी रणनीति बनी है कि पांडुवाखाल, नागचूलाखाल, सिमली, कर्णप्रयाग, श्रीनगर, देवप्रयाग और कुमाऊं के अन्य कस्बों में भी विधायकों को रोका जाएगा। इसी निमित वे विधायकों को वापस भराडीसैण भेजने की रणनीति पर काम करने लगे। हालांकि गुरूवार को भराड़ीसैण में सत्र चल ही रहा था। इसलिए कोई भी विधायक इनके हत्थे नहीं चढ़ा। इसके बावजूद उक्रांद कार्यकर्ता अपने इरादे पर अडिग हैं। उनका कहना है कि कोई भी विधायक भराड़ीसैण से निकालता है तो उन्हें वापस भराड़ीसैण भेजा जाएगा और इसी सत्र में गैरसैण स्थाई राजधानी घोषित करने की मांग पर अड़ा रहेगा।
उक्रांद नेता नेगी ने कहा कि एक मंत्री ने भराड़ीसैण विधानसभा भवन को वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने का इरादा जताया है। कहा कि 42 शहादतों के बाद उत्तराखंड बना है। इस राज्य की अभी तक स्थाई राजधानी नहीं बन पाई है। भाजपा तथा कांग्रेस स्थाई राजधानी के नाम पर नौटंकी कर रहे हैं। अब ऐसा होने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए उक्रांद कार्यकर्ता सड़कों पर रहकर दोनों दलोें के विधायकों के इरादों को नाकाम करेंगे। इस दौरान कोई विधायक पकड़ में आया तो आपातकालीन सत्र बुलाकर इस मामले का निस्तारण होना चाहिए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष युद्धवीर सिंह नेगी, पूर्व जिलाध्यक्ष दीपक फरस्वाण व कुंवर सिंह दानू, कार्यकारी जिलाध्यक्ष पंकज पुरोहित, संगठन मंत्री उमाशंकर नेगी, रूद्रप्रयाग के महामंत्री दीप प्रकाश, पृथ्वी सिंह नेगी, हेमा गडिया, राजेश्वरी देवी, लक्ष्मी देवी, बबीता, एससी/एसटी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जयवीर सिंह रावत, उम्मेद सिंह नेगी, यशपाल सिंह नेगी, जमन सिंह मनेषा समेत तमाम कार्यकर्ता सिमली में मौजूद रहे।

