हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी में बड़ी ड्रग तस्करी का मामला सामने आया है। Directorate of Revenue Intelligence (DRI) ने शमशाबाद स्थित Rajiv Gandhi International Airport (RGIA) पर कार्रवाई करते हुए 25 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Indo-Asian News Service (IANS) के मुताबिक, जब्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत करीब 8.9 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, यह खेप बैंकॉक से आए एक यात्री के पास से बरामद की गई। संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर जांच के दौरान यात्री के सामान में प्रतिबंधित पदार्थ छिपाकर लाया जा रहा था। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ NDPS Act के तहत कार्रवाई की गई है।
क्या है हाइड्रोपोनिक गांजा?
हाइड्रोपोनिक गांजा, गांजे की एक उन्नत किस्म है, जिसे मिट्टी की बजाय विशेष पोषक तत्वों वाले घोल (सॉल्यूशन) में उगाया जाता है। नियंत्रित वातावरण, जैसे तापमान, रोशनी, pH स्तर और नमी में तैयार होने के कारण इसकी गुणवत्ता अधिक मानी जाती है। यह पौधा तेजी से बढ़ता है, कम समय में तैयार हो जाता है और इसका उत्पादन भी पारंपरिक खेती की तुलना में ज्यादा होता है।
सामान्य गांजा से अंतर
हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाए गए पौधों में रोग और कीटों का खतरा कम होता है, जबकि मिट्टी में उगने वाले पौधे कई बाहरी कारकों पर निर्भर रहते हैं। इसके अलावा, हाइड्रोपोनिक गांजा अपेक्षाकृत तेजी से विकसित होता है और इसकी पैदावार अधिक होती है।
बढ़ती तस्करी और कानूनी स्थिति
हाल के समय में हाइड्रोपोनिक गांजा की तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ देशों में इसके सीमित उपयोग, विशेषकर औषधीय उद्देश्यों के लिए अनुमति दी गई है, लेकिन भारत में यह पूरी तरह प्रतिबंधित है। कानून के अनुसार, देश में गांजा रखना, बेचना या परिवहन करना दंडनीय अपराध है। NDPS Act के तहत छोटी मात्रा में भी गांजा रखने पर एक साल तक की सजा या 10,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
हाइड्रोपोनिक गांजा (Hydroponic Cannabis) को लेकर अक्सर जिज्ञासा रहती है कि इसके क्या फायदे और नुकसान हैं। हालांकि ध्यान रखना जरूरी है कि भारत में यह अवैध है और इसका उपयोग कानूनन अपराध है (NDPS Act)। नीचे इसके बारे में सामान्य जानकारी दी गई है:

