सम्पादकीय उत्तराखंड 2027 की अग्निपरीक्षा : चुनाव, अर्धकुंभ और जनगणना एक साथ…कब होंगे विधानसभा चुनाव? by Skgnews February 25, 2026 February 25, 2026 देहरादून: उत्तराखंड के लिए 2027 सिर्फ एक कैलेंडर वर्ष नहीं, बल्कि प्रशासनिक, राजनीतिक और लॉजिस्टिकल … 0 FacebookTwitterPinterestEmail
सम्पादकीय यूजीसी रेगुलेशन का शोर, जीरो परसेंटाइल वाले पीजी डॉक्टर! by Skgnews February 5, 2026 February 5, 2026 डॉ. सुशील उपाध्याय यूजीसी के समता रेगुलेशन के शोर में नीट पीजी की कट ऑफ … 0 FacebookTwitterPinterestEmail
सम्पादकीय उत्तराखंड में जारी हो सकती है दायित्वधारियों की एक और सूची! by Skgnews January 23, 2026 January 23, 2026 देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव (2027) को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई … 0 FacebookTwitterPinterestEmail
सम्पादकीय रासायनिक उर्वरकों का बढ़ता जाल : क्या अब बड़े सुधारों का समय आ गया है ? by Skgnews January 18, 2026 January 18, 2026 पद्मश्री राम सरन वर्मा नई दिल्ली : भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ की … 0 FacebookTwitterPinterestEmail
सम्पादकीय नंदा गौरा छात्रवृत्ति : स्कॉलरशिप लेते ही पढ़ाई छोड़ने का ट्रेंड! by Skgnews January 5, 2026 January 5, 2026 हरिद्वार : उत्तराखंड सरकार द्वारा उच्च शिक्षा में लड़कियों का पंजीकरण बढ़ाने के उद्देश्य से … 0 FacebookTwitterPinterestEmail
सम्पादकीय भारत की डिजिटल क्रांति : परिवर्तन का एक दशक और भावी योजना by Skgnews September 13, 2025 September 13, 2025 नई दिल्ली : पिछले एक दशक में भारत में एक ऐसी डिजिटल क्रांति आई है … 0 FacebookTwitterPinterestEmail
सम्पादकीय देख तमाशा कुर्सी का : ‘जुझारू और कर्मठ’ से बने ‘बिकाऊ’, ‘आपका बेटा-आपका भाई’ लाखों में नीलाम! by Skgnews August 8, 2025 August 8, 2025 प्रदीप रावत ‘रवांल्टा’ आपके कानों में अब भी गूंजते होंगे वो नारे “आपका बेटा,” “आपका … 0 FacebookTwitterPinterestEmail
सम्पादकीय उत्तराखंड : धराली का भयावह सबक! by Skgnews August 6, 2025 August 6, 2025 देहरादून : उत्तरकाशी आपदा की गंभीरता को समझना हो तो 12 साल पहले की केदारनाथ … 0 FacebookTwitterPinterestEmail
सम्पादकीय बचपन पर भारी मोबाइल : बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम बढ़ा रहा टेंशन …… by Skgnews July 10, 2025 July 10, 2025 देहरादून : अब बच्चों के हाथों में किताबें नहीं, मोबाइल हैं। मेट्रो हो या घर … 0 FacebookTwitterPinterestEmail
सम्पादकीय जीवन में बदलाव लाने वाली सोच : दुख अनिवार्य हैं किंतु पीड़ा वैकल्पिक हैं by Skgnews July 7, 2025 July 7, 2025 देहरादून : जीवन का यथार्थ यही है कि दुख किसी न किसी रूप में हर … 0 FacebookTwitterPinterestEmail