Home राष्ट्रीय 1 अप्रैल से बदलेंगे HRA के नियम, मकान मालिक से रिश्ता छिपाया तो लगेगी 200% तक पेनल्टी

1 अप्रैल से बदलेंगे HRA के नियम, मकान मालिक से रिश्ता छिपाया तो लगेगी 200% तक पेनल्टी

by Skgnews

नई दिल्ली: 1 अप्रैल 2026 से देश में नए आयकर नियम लागू होने जा रहे हैं, जिनके तहत हाउस रेंट अलाउंस (HRA) क्लेम करने वालों के लिए बड़े बदलाव किए गए हैं। अब टैक्सपेयर्स को यह बताना अनिवार्य होगा कि जिस व्यक्ति को वे किराया दे रहे हैं, उससे उनका क्या रिश्ता है। यदि यह जानकारी छिपाई गई या गलत दी गई, तो भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

क्या है नया नियम?

नए प्रावधानों के अनुसार, HRA क्लेम करते समय कर्मचारियों को फॉर्म 12BB के साथ अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि मकान मालिक उनके माता-पिता, भाई-बहन, जीवनसाथी या कोई अन्य रिश्तेदार तो नहीं है।

इसके साथ ही:

  • सालाना 1 लाख रुपये से अधिक किराया देने पर मकान मालिक का PAN देना अनिवार्य होगा
  • यदि PAN नहीं है तो मकान मालिक की स्व-घोषणा देनी होगी
  • सभी ट्रांजेक्शन का प्रमाण (बैंक, UPI, चेक) रखना जरूरी होगा
  • परिवार को किराया देने पर भी मिलेगा HRA
  • नियम यह नहीं कहते कि आप परिवार के सदस्य को किराया नहीं दे सकते। लेकिन:
  • किराया वास्तव में दिया जाना चाहिए
  • रेंट एग्रीमेंट होना चाहिए
  • मकान मालिक को अपनी आय में किराया दिखाना होगा
  • यानी अब “फर्जी रेंट रसीद” दिखाकर टैक्स बचाना आसान नहीं रहेगा।

क्यों लागू किए जा रहे हैं ये बदलाव?

सरकार का उद्देश्य टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाना और फर्जी HRA क्लेम पर रोक लगाना है। पहले कई लोग रिश्तेदारों के नाम पर नकली किराया दिखाकर टैक्स बचाते थे। अब नई डिजिटल जांच प्रणाली से इन मामलों का क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा।

गलत जानकारी देने पर कितनी पेनल्टी?

अगर कोई टैक्सपेयर:

  • रिश्ते की जानकारी नहीं देता
  • गलत जानकारी देता है
  • या फर्जी दस्तावेज जमा करता है
  • तो उसका HRA क्लेम खारिज किया जा सकता है। इसके अलावा आयकर अधिनियम की धारा 270A के तहत:
  • 50% से लेकर 200% तक पेनल्टी लग सकती है.

नए टैक्स सिस्टम का हिस्सा

यह बदलाव नए आयकर अधिनियम 2025 के तहत लागू किए जा रहे हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। इसका उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।

क्या करें टैक्सपेयर्स?

विशेषज्ञों की सलाह है कि HRA क्लेम करने वाले लोग:

  • रेंट एग्रीमेंट तैयार रखें.
  • बैंक ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड रखें.
  • मकान मालिक का PAN और ITR सुनिश्चित करें.

1 अप्रैल से लागू होने वाले ये नए नियम टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम माने जा रहे हैं। ऐसे में टैक्सपेयर्स को अब पूरी पारदर्शिता के साथ HRA क्लेम करना होगा, वरना भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।

related posts