जोशीमठ। नगर पालिका जोशीमठ इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रही है। पालिका क्षेत्र की 107 दुकानों के किरायेदारों द्वारा लंबे समय से किराया जमा न किए जाने के कारण पालिका पर बकाया राशि बढ़कर 61 लाख 81 हजार रुपये तक पहुंच गई है। यह बकाया पिछले 5 से 6 वर्षों से लंबित है, जिसमें कुछ बड़े बकायेदारों पर 3 लाख रुपये तक की देनदारी बताई जा रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सभी डिफॉल्टर दुकानदारों को नोटिस जारी करते हुए तत्काल बकाया राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते भुगतान नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पालिका प्रशासन का कहना है कि समय पर किराया और कर न मिलने से नगर के विकास कार्यों एवं जन सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। सफाई, सड़क, प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए राजस्व की उपलब्धता जरूरी है।
इस संबंध में स्थानीय निवासी लक्ष्मण सिंह रावत ने भी नगर पालिका की इस कार्रवाई का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि राजस्व की हानि का सीधा असर आम जनता की सुविधाओं पर पड़ता है। इसलिए दुकानदारों के साथ-साथ सभी भवन स्वामियों को भी समय पर भवन कर और अन्य करों का भुगतान करना चाहिए, ताकि नगर का समुचित विकास सुनिश्चित हो सके।
पालिका को 5–6 वर्षों से नहीं मिला 107 दुकानों का किराया
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