देहरादून: दिल्ली से प्राइवेट बस में बैठ अपने घर लौट रहे छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। स्वजनों का आरोप है कि बस में किसी जहरखुरानी गिरोह के सदस्य ने छात्र को अपना शिकार बनाया, जिस वजह से वो बेसुध हो गया। लेकिन अस्पताल ले जाने के बजाय बस का स्टाफ छात्र को सड़क पर उतार कर निकल लिया। जिसके बाद युवक को 108 की मदद से पहले बेस फिर एसटीएच में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। मृतक स्वजनों ने निजी बस संचालक के स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के मुताबिक, रुद्रपुर की वसुधंरा कॉलोनी निवासी 23 वर्षीय उत्कर्ष सक्सेना पुत्र स्व. विनय कुमार सक्सेना दिल्ली में रहकर सीए की पढ़ाई करता था। रात को वह निजी बस में बैठकर दिल्ली से घर के लिए निकला था। लेकिन रुद्रपुर उतरने की बजाय हल्द्वानी पहुँच गया। हल्द्वानी में वह बेसुध स्थिति में नजर आया।

मृतक के चाचा विमल कुमार सक्सेना ने बताया कि आशंका है कि जहरखुरानी गिरोह ने उसे अपना शिकार बनाया था। क्योंकि, जेब से पर्स भी गायब था। मगर उत्कर्ष की मदद करने की बजाय बस के चालक-परिचालक ने छात्र को छतरी चौराहे पर उतार दिया। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने 108 की मदद से उसे अस्पताल भिजवाया। एसटीएच में दोपहर छात्र ने दम तोड़ दिया। स्वजनों का आरोप है कि, अगर समय से उत्कर्ष को उपचार मिलता तो उसकी जान बच जाती। लेकिन निजी बस के स्टाफ ने मदद करने की बजाय उसे सड़क पर उतार दिया। स्वजनों ने पुलिस से मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

By Skgnews