Uttarakhand News: उत्तराखंड पुलिस को नाबालिग से दुष्कर्म करने और बच्चा चोरी के मामले बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं। पुलिस ने अपहरण कर बेचे गए दो छोटे बच्चे भी बरामद किए हैं। अभियुक्त से चाइल्ड लाइन और अनाथालय के फर्जी दस्तावेज भी मिले हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 21 अगस्त 2022 को वादिनी सुनीता पत्नी महिपाल (काल्पनिक) निवासी लक्सर हरिद्वार ने पुलिस को तहरीर दी। जिसमे शिकायत की गई कि, उनकी नाबालिग पुत्री को किसी अज्ञात ने बहला फुसलाकर कोल्ड ड्रिन्क में नशीला पदार्थ मिलाया और फिर वह पिलाकर उसके साथ होटल में गलत काम किया। इस तहरीर के आधार पर थाने में गंभीर धाराओं में मु0अ0सं0 773/22 धारा 363, 366, 376 भादवि एवं 3/4 पोक्सो अधिनियम बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया।

अभियुक्त को रेलवे स्टेशन लक्सर से किया गया गिरफ्तार

इस गंभीर प्रकृति के मामले के बाद पुलिस मामले के खुलासे के प्रयास में जुट गई। पुलिस टीम द्वारा लगातार कई सीसीटीवी फुटेज चेक किए और विभिन्न दिशाओं में मुखबिरों को भेजा गया। लगातार प्रयासों के बाद एक अभियुक्त मोहम्मद मुस्तक कादरी पुत्र अकील अहमद, (निवासी सिरसौल पट्टी सीताराम बदायूं उ0प्र0) का नाम प्रकाश में आया, जिसको अन्य मुखबिर द्वारा तस्दीक किए जाने पर बुधवार 16 नवंबर को मुखबिर की सटीक सूचना पर रेलवे स्टेशन लक्सर से पकड़ा गया।

बहला-फुसलाकर लॉज में ले जाकर किया दुराचार

उक्त मामले (लक्सर) में अभियुक्त मुस्ताक नाबालिक को रेलवे स्टेशन हरिद्वार से बहला-फुसलाकर कोतवाली हरिद्वार क्षेत्रांतर्गत शोभा लॉज में ले जाकर दुराचार किया। तत्समय होटल मालिक ने नाबालिक की आईडी प्राप्त न करने के संबंध में उसके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

पूछताछ में किए हैरान करने वाले खुलासे

पुलिस द्वारा पूछताछ और तलाशी पर मोहम्मद मुस्तक कादरी के कब्जे से ऐसे दस्तावेज मिले, जिससे इसके मानव व्यापार (Human Trafficking) में गहराई से लिप्त होने का शक हुआ। जिस पर क्षेत्राधिकारी (ऑपरेशन) निहारिका सेमवाल प्रभारी निरीक्षक लक्सर यशपाल बिष्ट और एएचटीयू टीम के पर्यवेक्षण में मोहम्मद मुस्तक से पूछताछ की गई। जिसमे उसने बताया कि, लोगों की नजरों में धूल झोंकने के लिए उसने ‘चाईल्ड लाईन व प्रयास अनाथाल्य दिल्ली’ के फर्जी दस्तावेज बनाए हैं और हरिद्वार सिडकुल क्षेत्र में किराये का कमरा भी ले रखा था। किसी को कोई शक न हो जाए इस कारण आसपास के क्षेत्र में अपने आप को रेलवे चाईल्ड हेल्प लाईन आफिसर बताता था।

भूले भटके बच्चों को बनाता था शिकार, फिर बेच देता था

अभियुक्त ने बताया कि, वह विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर हमेशा भूले भटके बच्चों आदि के आसान शिकार की तलाश में रहता था और मौका मिलते ही चुपके से बच्चा चोरी कर लेता था। उसने बताया कि, वह अत्यधिक जरूरतमंद लोगों को बच्चा गोद दिलाने के नाम पर लगभग एक 01 वर्ष के बच्चे को दिल्ली बस अड्डे से और एक बच्चे को गाजियाबाद से चोरी कर उन्हें देहरादून व बदायूं में बेच दिया था। अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी रहा है।

दिल्ली से बच्चा चोरी की घटना पर दर्ज है शिकायत

दिल्ली से बच्चा चोरी होने की घटना के संबंध में थाना कश्मीरी गेट पर मु0अ0सं 543/22 धारा 363भादवि पंजीकृत है। जबकि जनपद गाजियाबाद से चुराये हुए बच्चे के सम्बन्ध में विभिन्न माध्यमों से गंभीरतापूर्वक जानकारी की जा रही है।

लक्सर पुलिस एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की शानदार उपलब्धि

अभियुक्त मोहम्मद मुस्तक कादरी की निशानदेही पर लक्सर पुलिस टीम और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (हरिद्वार) के विशेष प्रयासों से अपहृत दोनों बच्चो को सकुशल बरामद किया गया है, जो अपने आप में एक बेहतर उपलब्धि है।

समाज के लिए बेहद घातक हैं ऐसे शातिर अभियुक्त

पूरे देश में कई लोग बच्चा तो गोद लेना चाहते हैं लेकिन, गोद लेने से पहले बच्चे की पूरी जानकारी नहीं करते। इसी बात का फायदा इस प्रकार के बेहद शातिर अभियुक्त उठा लेते हैं। अभियुक्त मोहम्मद मुस्तक कादरी बेहद शातिर है, जिसके द्वारा अन्य लोगो से भी बच्चा गोद दिलाने के नाम पर कई-कई लाख रूपये वसूल कर रखे थे। अभियुक्त यदि पकडा न जाता तो आने वाले समय में किसी भी परिवार के बच्चे को चुराकर गंभीर घटना कर सकता था।

अभियुक्त के खिलाफ ह्यूमन ट्रैफिकिंग के अंतर्गत भी अभियोग पंजीकृत

अभियुक्त के मानव दुर्व्यापार में सम्मिलित होने के सम्बन्ध में कोतवाली लक्सर पर प्रभावी धाराओं में अलग से अभियोग पंजीकृत किया गया है। जिस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अन्यत्र बच्चा चोरी होने की दशा में “पहचान-मिलान” हेतु अभियुक्त का फोटो जारी

पुलिस के अनुसार, अभियुक्त मोहम्मद मुस्तक कादरी द्वारा पूर्व में बच्चा चोरी की घटना को देखते हुए ऐसी संभावना है कि, इसके द्वारा देश के अन्य स्थानों पर भी ऐसी घटना कारित की गई हो। इसलिए अभियुक्त मुस्ताक का फोटो मीडिया से शेयर किया गया है। ताकि अगर किसी क्षेत्र से बच्चा चोरी होने की घटना घटित हुई हो व आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हों तो संबंधित पुलिस (विवेचक) अथवा परिजन अभियुक्त मुस्ताक से सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य माध्यमों से उसका मिलान कर सकें।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि, आप भी देखें और सचेत रहें कि अगर आपके मोहल्ले में इस प्रकार से कोई व्यक्ति रह रहा हो, जिसका आचरण/क्रियाकलाप विपरीत/संदिग्ध है तो ऐसे व्यक्ति का मोहल्ले के प्रतिष्ठित व्यक्तियों से सत्यापन करवाते हुए निकटतम पुलिस थाने में सूचना दें। वहीं हरिद्वार एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि, हरिद्वार में ह्यूमन ट्रैफिकिंग नहीं होने देंगे, इसको लेकर सख्त कार्यवाही होगी।

एसआई मनोज नौटियाल व गीता चौहान का विशेष योगदान

घटना के कई महीने हो जाने के बावजूद भी मामले के खुलासे हेतु मैन्युअल पुलिसिंग एवं अनगिनत सीसीटीवी कैमरे चेक कर रहे एसआई मनोज नौटियाल व एस आई गीता चौहान का विशेष योगदान रहा।

पुलिस टीम में इंचार्ज कोतवाली लक्सर यशपाल सिहं बिष्ट, व0उ0नि0लक्सर अंकुर शर्मा, चौकी प्रभारी भिक्कम्पुर मनोज ममगाईं, चौकी प्रभारी सुल्तानपुर मनोज नौटियाल, उ0नि0 गीता चौहान थाना को0 लक्सर हरिद्वार (विवेचक), का0 1179 अजीत तोमर थाना को0 लक्सर और का0 राकेश कुमार (एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट हरिद्वार) शामिल रहे।

By Skgnews