देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के नवनियुक्त सचिव सुरेंद्र सिंह रावत ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब सप्ताह में एक दिन वह अभ्यर्थियों की समस्याओं को सुनेंगे और उसका समाधान करेंगे। साथ ही उन्होंने आयोग कार्यालय परिसर में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।

UKSSSC सचिव सुरेंद्र सिंह रावत ने कार्यालय आदेश जारी कर बताया कि, आयोग द्वारा विज्ञापित पदों पर भर्ती से संबंधित समस्याओं व जिज्ञासाओं के लिए अभ्यर्थियों का आयोग कार्यालय में आवागमन बना रहता है। इसको देखते हुए आयोग के कार्यों की महत्ता और अभ्यर्थियों की सहूलियत के लिए भविष्य में आयोग स्तर पर यह व्यवस्था की जा रही है कि, सचिव प्रत्येक सप्ताह के शुक्रवार को शाम 4:00 बजे से 5:00 बजे तक अपने कार्यालय में परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले अभ्यर्थियों की समस्याओं व जिज्ञासाओं का समाधान करेंगे।

सचिव UKSSSC ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि, वे निर्धारित दिन और समय के अनुसार ही आयोग कार्यालय में आएं। इसके अलावा आयोग कार्यालय परिसर में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी होगा।

Uksssc

बता दें कि, आयोग में सचिव के रूप में संतोष बडोनी के कार्यकाल की अवधि पूरा होने के बाद सुरेंद्र सिंह रावत को यह जिम्मेदारी दी गई है। वहीं आयोग का सचिव बदलने के साथ ही परीक्षा नियंत्रक की भी नियुक्ति कर दी गई। पीसीएस अधिकारी शालिनी नेगी को यह जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक प्रकरण सामने आने के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अध्यक्ष एस. राजू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से यहां अध्यक्ष की कुर्सी खाली है। इस वजह से आयोग में नई विज्ञप्तियों से लेकर भर्तियों की परीक्षाओं की प्रक्रिया भी बाधित हो रही है।

बताया जा रहा है कि, अध्यक्ष पद पर फिलहाल आयोग के ही किसी वरिष्ठ सदस्य को जिम्मेदारी दी जा सकती है। वर्तमान में आयोग में दो सदस्य विनोद चंद्र रावत और डॉ. प्रकाश चंद्र थपलियाल में से विनोद चंद्र रावत वरिष्ठ हैं। कार्मिक विभाग की ओर से उच्च स्तर पर प्रस्ताव भेजा जा चुका है। अब मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद ही कोई निर्णय होगा।

By Skgnews