देहरादून : चारधाम यात्रा शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं।लेकिन, कोरोना महामारी के कारण धाम में यात्रा के संचालन की स्थिति अभी तक साफ नहीं है। हालांकि सभी चारों धामों के कपाट पूर्व निर्धारित तिथियों पर ही विधि-विधान से खोले जाएंगे। लेकिन इससे पहले एक बड़ी चुनौती सामने आ खड़ी हुई है, जिससे पार पाना बेहद जरूरी है।

दरअसल, 30 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने हैं।  बद्रीनाथ जी के रावल केरल में रहते हैं और उन्हें केरल से सड़क मार्ग से उत्तराखंड लाना बेहद मुश्किल है। ऐसे में यह संकट खड़ा हो गया है कि रावल को श्री बदरीनाथ धाम कैसे पहुंचाया जाए। शासन ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर रावल को उत्तराखंड पहुंचाने का अनुरोध किया है। शासन का कहना है कि गृह मंत्रालय के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। 

वहीं, ग्याहरवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ धाम के रावल 1008 भीमा शंकर लिंग 29 अप्रैल को धाम के कपाटो खुलने की प्रक्रिया से पहले ही ऊखीमठ पहुंच जाएंगे। महाराष्ट्र सरकार ने रावल को उत्तराखंड आने की अनुमति दे दी है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि वो सड़क मार्ग से आएंगे या फिर किसी दूसरे माध्यम से आएंगे। रावल इन दिनों नांदेड़ (महाराष्ट्र) में हैं।

By Skgnews