Ankita Murder Case : अंकिता भंडारी हत्याकांड के दोषियों को फांसी की सजा दिलाने को लेकर जहां आज विभिन्न संगठनों ने उत्तराखंड बंद का आह्वान किया था, तो वहीं इस मामले में गठित स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच को काफी हद तक पूरा कर लिया है। पुलिस रिमांड में आरोपियों से घटनास्थल की तस्दीक एसआईटी करा चुकी है। पूछताछ में अब टीम की जांच वीआईपी एंगल की ओर आगे बढ़ रही है।

रविवार को एसआईटी प्रभारी डीआईजी (लॉ एंड ऑर्डर) पी रेणुका देवी ने हत्याकांड में तफ्तीश को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने हत्याकांड से जुड़े हर सवाल का जवाब दिया। अंकिता हत्याकांड में गठित एसआईटी प्रभारी डीआईजी पी रेणुका देवी ने कहा कि, इस मामले में पटवारी वैभव प्रताप सहित अन्य राजस्व अधिकारी से गहन पूछताछ की गई है। किसी की भी अभी गिरफ्तारी नहीं की गई है। घटना से पहले रिसार्ट में वीआईपी के आने की जानकारी अभी तक जांच में सामने नहीं आई है, लेकिन जांच जारी है। अभी तक पड़ताल में काली गाड़ी का कोई जिक्र या फिर तथ्य सामने नहीं आया है। वहां के विशेष कमरों में अगर कोई ठहरता है तो उसकी भी हम जानकारी जुटा रहे है।

डीआईजी पी रेणुका देवी ने कहा कि, तीन दिन तक पुलकित और उसके साथियों को एसआईटी ने रिमांड पर रखकर गहन पूछताछ की है। इन तीन दिन में काफी गहन साक्ष्य जुटाए गए हैं। तीनों को ही घटनास्थल पर ले जाया गया है। इस वारदात की कैसे प्लानिंग की गई, कैसे घटना की गई इन तमाम बिंदुओं की जांच कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज में काफी साक्ष्य मिले हैं।डीआईजी ने बताया कि रिजॉर्ट में ज्यादा मारपीट नहीं हुई, लेकिन वहां कुछ घटना जरूर हुई है। यह भी उसी रात का हिस्सा है, जिस रात को कत्ल हुआ।

मौके पर बुलडोजर की मौजूदगी को लेकर उन्होंने कहा कि एसआईटी का गठन 24 सितंबर को हुआ था यह उससे पहले की घटना है। इस पर भी जांच चल रही है, काफी साक्ष्य हमें मिले हैं। हत्या का मकसद क्या है, इस पर भी काफी काम किया जा चुका है। वहीं, आरोपी का मोबाइल पुलिस ने पहले ही बरामद कर लिया गया था। एक-दो मोबाइल और हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। डीआईजी ने बताया कि प्रकरण की जांच-पड़ताल अंतिम चरण के आसपास है, तो जाहिर है कि जल्द ही इस मामले की चार्जशीट अदालत में दाखिल की जाएगी।

अंकिता हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए आरोपित रिसार्ट के मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भाष्कर व सहायक प्रबंधक अंकित (पुलकित) गुप्ता से पूछताछ की। एसआइटी ने पुष्प व तीनों आरोपितों को आमने-सामने बैठाकर घंटों पूछताछ की। इसके बाद पुष्प को छोड़ दिया गया, जबकि आरोपितों को अलग-अलग जगह ले जाया गया। सुरक्षा के बीच एसआइटी तीनों आरोपितों को रात के समय घटनास्थल पर लेकर आई और सीन रीक्रिएट किया। बताया जा रहा है कि पुलकित ने फोन नहर में फेंकने की बात भी झूठी कही थी। रात भर फोन पुलकित के पास रिसार्ट में था, जब उसे एहसास हुआ कि फोन से वह फंस सकता है तो सुबह उसने फोन नहर में फेंक दिया।

अंकिता व पुष्प के बीच हुई वाट्सएप चेट में जिस वीआइपी गेस्ट का जिक्र किया गया है, उसके बारे में भी एसआइटी ने पूछताछ की। हालांकि इस पूरे मामले को एसआइटी ने गुप्त रखा हुआ है, क्योंकि इसमें कुछ नेताओं के नाम भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में पूरी तरह से संलिप्तता सामने के बाद ही एसआइटी किसी के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।

By Skgnews