चमोली: सोशल मीडिया पर हेलंग गांव की एक महिला का वीडियो प्रचारित किया जा रहा है। वीडियो की सच्चाई जानने के लिए जिलाधिकारी चमोली हिमांशु खुराना के निर्देशों पर अधिकारियों की टीम ने मौके पर जाकर वीडियो की पडताल की।

 

गांव पहुॅचने पर हेलंग ग्राम प्रधान आनंद सैलानी, वन सरपंच प्रदीप सिंह भण्डारी एवं ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीणों की सहमति से गांव में बच्चों को खलने एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए खेल मैदान का बनाया जा रहा है। जिस भूमि पर खेल मैदान वन रहा है, वह भूमि सरकारी है। जिला प्रशासन एवं ग्राम पंचायत की सहमति से गांव में सरकारी भूमि पर टीएचडीसी के माध्यम से गांव के लिए खेल मैदान, साधन सहकारी समिति गोदाम, पशुपालन एवं पटवारी चौकी और प्रधान कार्यालय बनाया का निर्माण किया जा रहा है। एसडीएम कार्यालय से इसके लिए विधिवत स्वीकृति भी ली गई है। लेकिन गांव के एक दो परिवार सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने की मनसा से इसका विरोध कर रहे है। विगत 15 जुलाई को इन दो परिवारों की महिलाएं कही से घास लेकर लौट रही थी, तभी उन्होंने इस सरकारी भूमि खेल मैदान निर्माण कार्यो को रोकने का प्रयास किया। जिस पर ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन की मदद ली।

ग्रामीणों ने बताया कि महिला का वीडियो गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने उस वक्त भी महिला को समझाने का प्रयास कर रही थी। लेकिन किसी ने गलत तरीके से वीडियो सोशल मीडिया पर प्रचारित किया है। यह पूरी तरह से फेक है। इस दौरान ग्राम पंचायत हेलंग की महिला मंगल दल अध्यक्ष गीता देवी, स्थानीय निवासी कस्तूरबा देवी, बीरू लाल, गुड्डू लाल, गीता देवी, रूखमणी देवी, बबीता देवी सुषमा देवी आदि ग्रामीण मौजूद थे।

जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बताया कि, ग्राम सभा हेलंग के अन्तर्गत ग्राम सभा की ओर से ग्राम प्रधान व सरपंच के माध्यम से गांव में कोई भी खेल मैदान न होने के कारण खेल मैदान बनाने के लिए टीएचडीसी को एक अनुरोध पत्र भेजा था। जिसमें ग्राम पंचायत में बच्चों को खेलने, सेना भर्ती की तैयारी, गांव के सार्वजनिक कार्यक्रम शादी विवाह आदि के लिए गांव में खेल मैदान बनाने की प्रस्ताव रखा गया। इसके लिए ग्राम पंचायत की सहमति से वन पंचायत हेलंग के अन्तर्गत राजस्व भूमि (नॉन जेड-ए) श्रेणी 10(4) कृषि अयोग्य भूमि,(रकवा भीडा में दर्ज) जिसका क्षेत्रफल 1.717 हेक्टेयर है को चिन्हित किया गया।

टीएचडीसी द्वारा अनुरोध पत्र को स्वीकार करते हुए नियमानुसार एसडीएम जोशीमठ और उप वन संरक्षक जोशीमठ से अनापत्ति ली गई। इस भूमि से लगे हुए ये दो परिवार समय-समय पर खेल मैदान को बनाने का कार्य रोका गया है। उक्त लोगों को एसडीएम जोशीमठ द्वारा समय-समय पर बैठक कर जनहित में गांव के कार्य में सहयोग देने के लिए प्रेरित किया गया। परंतु परिवारों द्वारा इस भूमि पर अवैध अतिक्रमण की मंशा से कार्य में बार-बार बाधा डाली गई। तहसील प्रशासन एवं पुलिस की टीम द्वारा पूर्व में दो बार मौके पर जाकर उक्त परिवारों को समझा कर इस कार्य को शुरू करने हेतु अनुरोध किया गया। परंतु इन दो परिवारों के निजी स्वार्थ के कारण एक माह से कार्य नहीं हो पाया। आखिर में पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर निर्माण कार्य शुरू करवाया है।

By Skgnews

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