देहरादून: विधानसभा चुनाव 2022 में बीजेपी ने पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 47 सीटें जीतीं और स्पष्ट बहुमत हासिल किया। लेकिन सियासी मुकाबले में धामी को अपनी विधानसभा सीट खटीमा से हार का सामना करना पड़ा। वहीं भाजपा हाईकमान ने उनके चुनाव हारने के बाद भी एक बार फिर उन पर विश्वास जताकर सीएम बना दिया। लेकिन संविधान के अनुच्छेद 164 (4) के तहत उन्हें 06 महीने के भीतर सदन की सदस्यता लेनी होगी। यानि अब उन्हें 6 माह के भीतर उपचुनाव का सामना करना होगा और सीएम बने रहने के लिए चुनाव जीतना भी होगा। ऐसे में सीएम पुष्कर सिंह धामी के उपचुनाव को लेकर कई सीटों पर कयास लगाए जा रहे हैं।

सत्ता की कमान संभालने के बाद सीएम धामी का पिछले दिनों पहला राजनीतिक दौरा चंपावत विधानसभा का रहा है, जहां वे दो दिनों तक रहे। सियासी जानकारों की मानें तो इस दौरे से सीएम धामी चंपावत की सियासी नब्ज टटोली। वहीं चंपावत के विधायक कैलाश गहतोड़ी ने तो भगवान से प्रार्थना ही कर डाली कि, मुख्यमंत्री उन्हीं की विधानसभा से चुनाव लड़े तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उन्हें निराश नहीं किया और कहा कि, अगर आलाकमान कहेगा तो वह चंपावत से भी लड़ने के लिए तैयार हैं। लेकिन अभी यह तय नहीं है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चंपावत से ही चुनाव लड़ेंगे।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ताजा बयान को उनके उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि, पिछले 22 साल से मैं कैंट विधानसभा में रहता आया हूं। उन्होंने कहा कि, राज्य गठन के बाद से ही वह इस विधानसभा की यमुना कॉलोनी में रहते हैं। हालांकि सीएम ने यह बात किस परिपेक्ष्य में कही, यह तो सीएम ही बेहतर बता सकते हैं, लेकिन इतना जरूर है कि, उनके इस बात से सियासी फिजां जरूर गर्म हो गई है।

सीएम धामी के इस संबोधन को उनके कैंट विधानसभा से चुनाव लड़ने का संकेत से भी जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि, मुख्यमंत्री के लिए कैंट की सीट भी बीजेपी खाली करवा सकती है। इसके पीछे यह भी तर्क दिया जा रहा है कि, चुनाव के दौरान भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को कैंट विधानसभा से चुनाव लड़ने का सुझाव दिया गया था, लेकिन तब मुख्यमंत्री की चुनाव लड़ने के लिए प्राथमिकता खटीमा विधानसभा ही रही। कैंट विधानसभा सीट भाजपा का अभेद किला रही है। भाजपा नेता स्वर्गीय हरबंश कपूर इस सीट से लगातार 8 बार विधायक चुने गए। हाल में हुए विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी सविता कपूर ने इस सीट पर लगातार नौंवी बार भाजपा को जीत दिलाई है। धामी के लिए इस सीट को सबसे मुफीद माना जा रहा है।

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By Skgnews

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