देहरादून: न्यायमूर्ति विपिन सांघी (Vipin Sanghi) ने आज उत्तराखंड उच्च न्यायालय (Uttarakhand Highcourt) के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर देहरादून राजभवन में शपथ ली। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) गुरमीत सिंह ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। न्यायमूर्ति सांघी दिल्ली उच्च न्यायालय से पदोन्नत होकर नैनीताल उच्च न्यायालय आए। वह नैनीताल हाईकोर्ट के 12वें मुख्य न्यायाधीश बने।

कौन हैं न्यायमूर्ति विपिन सांघी ?

न्यायमूर्ति विपिन सांघी का जन्म 27 अक्टूबर 1961 को नागपुर में हुआ। साल 1965 में वो परिवार के साथ नागपुर से दिल्ली स्थानांतरित हो गए। वहीं पर उन्होंने स्कूली शिक्षा ली और साल 1980 में दिल्ली पब्लिक स्कूल से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की। 1983 में दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी गणित (ऑनर्स) से स्नातक करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय की लॉ फैकल्टी से एलएलबी (LLB) किया और एक वकील के रूप में दिल्ली बार काउंसिल में दाखिला लिया। उनके दादा वीके सांघी और पिता जीएल सांघी भी वरिष्ठ अधिवक्ता रहे हैं।

न्यायमूर्ति सांघी ने शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व अटॉर्नी जर्नल मुकुल रोहतगी के साथ काम किया। वे सर्वोच्च न्यायालय में केंद्र सरकार के पैनल के अधिवक्ता के रूप में भी नियुक्त हुए। दिसंबर, 2005 में उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय कानून सम्मेलनों में भाग लिया है। 29 मई, 2006 में दिल्ली हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए और 11 फरवरी, 2008 को एक न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति किए गए।17 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट की कोलॉजियम ने न्यायमूर्ति सांघी को उत्तराखंड हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी। जिसके बाद आज उन्होंने शपथ ग्रहण की।

By Skgnews

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