देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पुलिस जवानों की ग्रेड पे की समस्या का वैकल्पिक समाधान किया गया है। पुलिस विभाग में कांस्टेबलों के 17,500 पद हैं और हेड कांस्टेबल के 3,440 पद हैं और एडिशनल एसआई (ASI) का एक भी पद नहीं है।

पुलिस जवानों को समय से प्रोन्नति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हेड कांस्टेबल रैंक के 1,750 नए पद सृजित करने और एडिशनल एसआई (ASI) का नया रैंक सृजित करते हुए 1750 नए पद स्वीकृत करने के आदेश जारी किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनका ग्रेड पे 4200 होगा।

DGP अशोक कुमार ने कहा कि, “उनका विश्वास है कि इससे जवानों को प्रोन्नति के ज्यादा अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही विवेचना हेतु नए विवेचक उपलब्ध होने से विवेचना की गुणवत्ता में सुधार आएगा। मुझे उम्मीद है कि इस निर्णय से सभी कांस्टेबल कम से कम एडिशनल एस आई के पद से सेवानिवृत्त होंगे।”

गौरतलब है कि, उत्तराखंड पुलिस विभाग में लंबे समय से 4600 ग्रेड-पे की मांग चली आ रही है। दरअसल, उत्तराखंड पुलिस में सिपाहियों की पहली भर्ती 2001 में हुई थी। उस वक्त पदोन्नति के लिए तय समय सीमा 08, 12 एवं 22 साल थी। सिपाहियों की भर्ती के समय 2000 ग्रेड-पे होता है, इसके 08 साल बाद उन्हें 2400, 12 साल बाद 4600 और 22 साल की सेवा के बाद 4800 दिए जाने का प्रावधान था। अब इस बैच के सिपाहियों को वर्ष 2013 में 4600 रुपये ग्रेड पे का लाभ मिलना था। लेकिन, उससे पहले ही सरकार ने समय-सीमा में बदलाव कर दिया।

उस वक्त कहा गया कि, अब यह लाभ उन्हें नई नीति 10, 16 एवं 26 वर्ष के आधार पर मिलना है। ऐसे में इन सिपाहियों को अब वर्ष 2017 में 4600 ग्रेड पे का लाभ दिया जाना था। लेकिन, उससे पहले ही समय-सीमा को बढ़ाकर 10, 20 एवं 30 वर्ष का स्लैब कर दिया गया। इस हिसाब से इस साल 2001 बैच के सिपाहियों को 4600 ग्रेड पे का लाभ दिया जाना था। लेकिन, अब पिछले दिनों शासन ने ग्रेड पे को ही घटा दिया। ऐसे में सिपाहियों का कहना है कि जब जब उनका नंबर आया, तब नियम बदलकर उनके साथ धोखा किया गया है।

By Skgnews

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