केदारनाथ यात्रा के लिये हैलीसेवा उपलब्ध कराने के नाम पर धोखाधडी करने वाले गिरोह के मास्टर मांइड को नालंदा बिहार से साइबर पुलिस द्वारा वांरट पर पकडकर न्यायालय में पेश किया गया। इससे पहले भी एक अन्य सदस्य की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

जहाँ एक तरह से साइबर पुलिस प्रतिदिन लोगों का पैसा वापस करा रही है वहीं भारत के अलग-अलग कोने में साइबर अपराधी की धरपकड़ करती हुई। STF एवं साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन उत्तराखण्ड द्वारा केदारनाथ  हैलीकॉप्टर यात्रा  सेवा देने के नाम पर  भारत के विभिन्न कोनो में धोखाधडी करने वाले गिरोह को बिहार से गिरफ्तार कर भारत के एक बहुत बड़े संगठित गिरोह को किया ध्वस्त ।

वर्तमान में साइबर अपराधी आम जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने हेतु अपराध के नये-नये तरीके अपनाकर धोखाधड़ी कर रहे है। इसी परिपेक्ष्य में ठगों द्वारा पर्यटन के नाम पर फर्जी साइट तैयार कर आम जनता से ई-मेल व दूरभाष व अन्य सोशल साईटों के माध्यम से सम्पर्क कर केदारनाथ हैलीकॉप्टर यात्रा  सेवा देने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधडी की जा रही है ।

इसी क्रम में एक प्रकरण साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ जिसमें शिकायतकर्ता प्रशान्त यादव पुत्र दिलीप कुमार  के साथ अज्ञात अभियुक्तो द्वारा केदारनाथ यात्रा हैलीकॉप्टर सेवा देने के नाम पर फर्जी मोबाईल नम्बरों से  शिकायतकर्ता  से सम्पर्क कर ऑनलाईन हैलीकॉप्टर यात्रा सेवा बुक कराने के नाम पर शिकायतकर्ता से 1,18,000/- रुपये की धनराशि धोखाधड़ी से विभिन्न बैक खातो में प्राप्त करने सम्बन्धी शिकायत के आधार  पर साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0सं0 11/22 धारा 420 भादवि व 66(डी) आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया तथा विवेचना साइबर थाने के निरीक्षक श्री विकास भारद्वाज  के सुपुर्द की गयी। अभियोग में अभियुक्तों के विरुद्ध कार्यवाही हेतु घटित टीम द्वारा घटना में प्रयुक्त मोबाईल नम्बर, तथा अभियुक्तो द्वारा शिकायतकर्ता से प्राप्त धनराशि की जानकारी प्राप्त की गयी तो प्रकाश में आया कि अभियुक्तो द्वारा केदारनाथ हैलीकॉप्टर यात्रा  देने के नाम वादी मुकदमा से धोखाधडी की गयी । मोबाईल नम्बर व खातों की जानकारी से अभियुक्तगणों का बिहार से सम्बन्ध होना पाया गया जिसमें टीम को बिहार रवाना किया गया था । पुलिस टीम द्वारा अथक मेहनत एवं प्रयास से अभियुक्तो द्वारा वादी मुकदमा को  रोजर पे का खाता संख्या व मोबाईल नम्बर दिये थे व धोखाधडी से प्राप्त की गयी धनराशि जो एसबीआई खाता व रोजर पे खाता  में प्राप्त की गयी थी के खाताधारक की जानकारी प्राप्त की गयी व उक्त खाते का खाताधारक के सम्बन्ध में साक्ष्य एकत्रित करते हुये अभियोग में 01 अभियुक्त सेन्टी कुमार उर्फ विकास कुमार  को उसके निवास स्थान ग्राम धनबिगहा   बिहार दिनांक 20.05.2022 को गिरफ्तार किया गया तथा स्थानीय पुलिस की मदद से अन्य अभियुक्त व निक्कु कुमार   जो कि थाना वारिसलीगेज जनपद नवादा बिहार के अभियोग में वांछित होने के कारण स्थानीय पुलिस को सुपुर्द किया गया था उक्त अभियुक्त विकास कुमार को आज दिनांक को वारंट पर पकडकर नवादा बिहार से लाकर न्यायिक कार्यवाही हेतु कोर्ट में पेश किया जा रहा है ।

अपराध का तरीकाः-

अभियुक्तगणों द्वारा फर्जी साईट तैयार कर फर्जी नम्बरों को गूगल पर डाला जाता था, जिससे पिड़ित व्यकित द्वारा  केदारनाथ  हैलीकॉप्टर यात्रा सेवा को लेने हेतु गूगल से नम्बर सर्च कर  फोन के माध्यम से सम्पर्क किया जाता व अभियुक्तगणों द्वारा Wi-Fi  राउटर को पेड़ पर टांगकर हैलीसेवा लेने वाले व्यक्तियों को इन्टरनेट कॉलिंग के माध्यम से कॉल कर रेट लिस्ट के आधार पर  हैलीकॉप्टर यात्रा सेवा बुक की जाती थी तथा  शिकायतकर्ता से धोखाधड़ी कर  धनराशि विभिन्न वॉलेट व खातों में प्राप्त की जाती है। शिकायतकर्ता से प्राप्त उक्त धनराशि को  एटीएमों के माध्यमों से निकाल लिया जाता था । गौरतलब है कि इससे पूर्व भी पर्यटन की आड़ में माँ वैष्णो देवी हैलीकॉप्टर यात्रा सेवा देने के नाम पर साइबर अपराधियों द्वारा  फर्जी साइट तैयार कर पवन हंस हैलीकॉप्टर यात्रा सेवा बुक कराने के नाम पर धोखाधड़ी से सम्बन्धित दो अभियुक्तों को नालन्दा, नवादा  बिहार से गिरफ्तार किया गया था। जिससे प्रतीत होता है कि नवादा बिहार हैली सेवा  व अन्य विभिन्न माध्यमों से साइबर धोखाधड़ी देने वाला गढ़ बन चुका है जिसे ध्वस्त किया जा रहा है।

गिरफ्तार अभियुक्त-

1.    निक्कु कुमार पुत्र शिवकुमार प्रसादर निवासी ग्राम धनबिगहा पो0 साम्बे थाना वारिसलीगंज जनपद नवादा बिहार। उम्र 29 वर्ष ( अभियुक्त निक्कु कुमार उपरोक्त थाना वारिसलीगंज जनपद नवादा बिहार के अभियोग में वांछित होने के कारण बिहार पुलिस के सुपुर्द किया गया, अभियुक्त को वारण्ट बी पर तलब किया गया )

प्रभारी एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड द्वारा जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरो/फर्जी साइट/धनराशि दोगुना करने व टिकट बुक करने  वाले अंनजान अवसरो के प्रलोभन में न आयें । किसी भी प्रकार के ऑनलाईन टिकट को बुक कराने से पूर्व उक्त साईट का पूर्ण  वैरीफिकेशन स्थानीय बैंक, सम्बन्धित कम्पनी आदि से भलीं भांति इसकी जांच पड़ताल अवश्य करा लें तथा गूगल से किसी भी कस्टमर केयर नम्बर सर्च न करें। कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें । वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर पर सम्पर्क करें । इसके अतिरिक्त गिरफ्तारी के साथ-साथ साईबर पुलिस द्वारा जन जागरुकता हेतु अभियान के अन्तर्गत हैलीसेवा वीडियो साइबर पेज पर प्रेषित किया गया है। जिसको वर्तमान समय तक 40,000  लोगो द्वारा देख कर 216 लोगों द्वारा शेयर किया गया है।

By Skgnews

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