देहरादून: उत्तराखंड में मंकीपॉक्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एसओपी जारी की है। सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। केरल व दिल्ली में मंकीपाक्स के मामले मिलने के बाद उत्तराखंड में भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। बता दें, उत्तराखंड में अभी तक मंकीपाक्स का कोई मामला नहीं मिला है। विभाग ने पिछले महीने संदेह के आधार पर हरिद्वार से एक व्यक्ति का सैंपल जांच के लिए भेजा था, जो निगेटिव आया।

उत्तराखंड के नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) निदेशक ने सभी जिलों को मंकीपॉक्स से बचाव के लिए गाइडलाइन जारी कर इसके इलाज की पूर्व तैयारियों से लेकर उनके इलाज की व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं और सर्विलांस सिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया है।

प्रभारी स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार की ओर से जारी आदेश में सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि मंकीपाक्स प्रभावित देश या राज्य से आने वाले लोग की सघन निगरानी की जाए। लक्षण पाए जाने पर सैंपल तुरंत जांच के लिए भेज उसे आइसोलेट किया जाए। केंद्र के सभी निर्देशानिर्देशों का पालन किया जाए।

एसओपी में दिए गए निर्देश

  • एक भी मामला मिलने पर उसे प्रकोप माना जाएगा।
  • कोई भी मामला मिलने पर तुरंत कांटेक्ट ट्रेसिंग, टेस्टिंग की जाए।
  • आगे प्रसार को रोकने के लिए मरीज को आइसोलेट करें।
  • किसी संदिग्ध के मिलने पर तुरंत जिला/राज्य सर्विलांस यूनिट को सूचना दी जाए।
  • तय गाइडलाइन के अनुसार अधिकृत लैब को सैंपल भेजे जाएं।
  • रैपिड रिस्पांस टीम की ओर से जांच की जाए।
  • समूह आधारित या संभावित मामलों में लक्षित निगरानी की व्यवस्था की जाए।
  • अस्पताल आधारित निगरानी के तहत त्वचा रोग, यौन संचारित रोग, मेडिसिन, बाल रोग ओपीडी आदि में निगरानी और परीक्षण।

By Skgnews

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