देहरादून: भारत निर्वाचन आयोग ने चम्पावत विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए तारीख का ऐलान कर दिया है. इसके साथ ही चम्पावत जिले में आचार संहिता लागू हो गई है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस सीट से उप चुनाव लड़ेंगे. हालांकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे लेकर अभी पत्ते नहीं खोले हैं. बता दें कि, चम्पावत विधानसभा सीट से विधायक चुने गए कैलाश गहतोड़ी ने गत 21 अप्रैल को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए सीट खाली करते हुए विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद चम्पावत सीट को रिक्त घोषित करते हुए इसकी सूचना मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के माध्यम से निर्वाचन आयोग को भेज दी गई. अब भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है. आगे पढ़ें..

Champawat bye election

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव का नोटिफिकेशन 4 मई को जारी किया जाएगा. नामांकन करने की आखिरी तारीख 11 मई रखी गई है. 12 मई को नामांकन की स्क्रूटनी होगी, जबकि 16 मई को नॉमिनेशन वापसी की आखिरी तारीख रखी गई है. 31 मई मंगलवार को मतदान होगा. वहीं तीन जून को मतगणना होगी और परिणाम घोषित किया जाएगा.

राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि, चुनाव के लिए जल्द ही कर्मचारियों की तैनाती कर इन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा. चुनाव के लिए पर्याप्त संख्या में ईवीएम और वीवी पैट मशीनें हैं. चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को आपराधिक इतिहास की भी जानकारी देनी होगी. चुनाव में राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी कोविड गाइडलाइन का अनुपालन किया जाएगा. आगे पढ़ें..

गौरतलब है कि, राज्य के पांचवें विधानसभा चुनाव 2022 में बीजेपी ने पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 47 सीटें जीतीं और स्पष्ट बहुमत हासिल किया। लेकिन सियासी मुकाबले में धामी को अपनी विधानसभा सीट खटीमा से हार का सामना करना पड़ा। वहीं भाजपा हाईकमान ने उनके चुनाव हारने के बाद भी एक बार फिर उन पर विश्वास जताकर सीएम बना दिया। लेकिन संविधान के अनुच्छेद 164 (4) के तहत उन्हें 06 महीने के भीतर सदन की सदस्यता लेनी होगी। यानि अब उन्हें 6 माह के भीतर उपचुनाव का सामना करना होगा और सीएम बने रहने के लिए चुनाव जीतना भी होगा. आगे पढ़ें..

खटीमा विधानसभा सीट से धामी की हार के बाद चंपावत विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी ने ही सबसे पहले धामी के लिए सीट छोड़ने की पेशकश की थी. चंपावत सीट को जातिगत समीकरणों के आधार पर धामी के लिए मुफीद माना गया. यहां करीब 54 फीसदी ठाकुर मतदाता हैं, तो 24 फीसदी ब्राह्मण, 18 फीसदी दलित और चार फीसदी मुस्लिम वोटर हैं. दूसरे चंपावत धामी की परंपरागत खटीमा सीट से लगी हुई है. इसलिए वह यहां के राजनीतिक, जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों से परिचित भी हैं. ऐसे तमाम कारणों से ये सीट धामी की सबसे पसंदीदा और सुरक्षित सीटों में मानी जा रही है. भाजपा प्रत्याशी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस सीट से कांग्रेस की ओर से कौन टक्कर देगा, अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है.

By Skgnews

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