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अच्छी सोच को सलाम, गरीब बच्‍चों के साथ मनाया पत्रकार व समाजसेवी आशीष नेगी ने अपना जन्मदिन

18-12-2020 23:04:28 By: एडमिन

देहरादून । युवा पत्रकार व समाजसेवी आशीष नेगी ने अपना 35 वाँ जन्मदिन  "अपने सपने" संस्था से जुड़े गरीब बच्चों के साथ मनाया। आशीष नेगी ने बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करते हुए कॉफी,पेंसिल व अन्य सामान भेंट किया। आशीष नेगी ने कहा कि उन्होंने बचपन से ही माँ-बाप के आदर्श पर चलना सीखा है। माँ-बाप का सपना था की गरीबों की हमेशा मदद करनी चाहिए। उनके आशीर्वाद से आज मैने अपना जन्मदिन उन गरीब बच्चों के साथ मनाया है । आशीष नेगी मासूम बच्चों के साथ बातचीत में काफी भावुक भी दिखाई दिए।

आशीष ने कहा बच्‍चों ने उनका जन्मदिन यादगार बना दिया। आशीष ने कहा जरूरतमंदों की मदद और भूखे लोगों को भोजन उपलब्‍ध कराने में जो सुकून मिलता है, वो कहीं नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा कि मेरा भी सपना है कि इन बच्चों का भी जन्मदिन इसी तरह मनाया जायेगा जैसा की सभी लोग अपने परिवार के साथ मनाते है। आशीष नेगी ने कहा कि वह एक ग्रुप बना रहे है जिसमे ऐसे युवाओं को जोड़ा जायेगा जिनकी सोच गरीबो की मदद करने की हो। उन्होंने कहाकि अगर हर इंसान किसी एक भूखे को रोज भोजन उपलब्‍ध कराने का संकल्‍प ले, तो हमारे देश में कोई भी भूखा नहीं सोएगा। इस मौके पर उनके मित्र जगमोहन मौर्य भी मौजूद रहे।

हम सबके रोल मॉडल हैं अरुण यादव

आशीष नेगी ने अपने-सपने संस्था के संस्थापक अरुण यादव की तारीफ करते हुए उन्हें युवाओं का रोल मॉडल बताया। आशीष ने कहा अरुण जिस तरह गरीब बच्चों को शिक्षित करने में जुटे हुए हैं वह काबिले तारीफ है। यही नहीं अरुण यादव हमेशा जरूरतमंदों की मद्दत में आगे रहते हैं। लॉकडाउन में उन्होंने अपने परिवार के साथ मिलकर जरूरमदों तक राशन पहुँचाया वह हम सबके लिए प्रेरणाप्रद है। जितना भी मेरे से हो सकेगा में उनकी मद्दत के लिए तैयार रहूँगा।।


गरीब बच्चों के लिए देवदूत से कम नहीं हैं "अपने सपने" संस्था के संस्थापक अरुण कुमार यादव


जरूरमंद बच्चों के शिक्षा के प्रति अपना जीवन समर्पित करने वाले अपने सपने एनजीओ के संस्थापक अध्यक्ष अरुण कुमार यादव 13 सालो से स्वयं ऐसे बच्चो को शिक्षित करने में लगे है यही नहीं आज से पाँच साल पहले  अपने सपने नाम से जो एनजीओ स्थापित किये वह आज यह पौधे से बरगद का पेड़ रूपी स्थापित कर लिया है |  उत्तरप्रदेश के जिले जौनपुर के केराकत तहसील में जन्मे अरुण कुमार यादव सन 2001 में देहरादून तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने आये वक्त दर वक्त तब से यानी 19 सालो से अब देहरादून में अपना कर्म भूमि बंनाने वाले अरुण कुमार यादव जहाँ अब पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके है वही जरूरतमंद बच्चों के सपने को अपना सपना बना चुके है | 2 सितम्बर 2014 को स्थापित हुए अपने सपने संस्था के संस्थापक अध्यक्ष  अरुण कुमार यादव ने बताया कि अपने सपने एनजीओ विगत छः वर्षों से देहरादून में असहाय एवम जरूरतमंद बच्चों के जीवन शैली एवम उनके शिक्षा पर कार्य करता आ रहा है | अपने सपने एन. जी. ओ. वर्तमान समय में 140 से अधिक बच्चो की पढाई और सामाजिक उत्थान में कार्यरत है.एन. जी. ओ. द्वारा बहुत से बच्चो के लिए अधिकाधिक प्रसँशनीय कार्य किये गए जिसमे कुछ को समाज में सबसे ज्यादा प्रोत्साहन मिली।

(1) अजय नामक बच्चा जो आज से पाँच साल पहले सड़को पर कूड़ा बीनता था संस्था द्वारा उसको स्कूल में दाखिला दिलवाया गया, वर्तमान समय में यही अजय प्राथमिक विद्यालय भारूवाला ग्रांट सुभाषनगर देहरादून में अपने कक्षा पाँचवी  में प्रथम स्थान प्राप्त किया . इस वर्ष अजय छठी कक्षा दून एकेडमी स्कूल में अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ा रहे है , इस वर्ष 2020 में भी अजय प्रथम स्थान प्राप्त किया.  संस्था द्वारा इस बदलाव रूपी कार्य से अब यह अजय अन्य ऐसे बच्चों के लिए प्रेणास्रोत बना ।

(2) सिमरन नामक मासूम बच्ची को दो साल पहले ना बोलने के कारण स्कूल में दाखिला प्राप्त नहीं कर पाई अपने सपने एन. जी. ओ. के सदस्यों द्वारा सिमरन बच्ची के आत्मविश्वास में बदलाव कर उसको पढ़ाई, नृत्य और गायन सीखा कर उसका आत्मविश्वास बढ़ाया गया.वर्तमान समय में अब यही सिमरन उसी स्कूल में जहा पर दाखिला प्राप्त नहीं कर पायी थी वह सातवीं कक्षा में अपनी शिक्षा रुपी अलख जगा रही है।

(3) मनीषा नामक बच्ची जो किसी समय लोगो के घरो में साफ़ सफाई करने जाती थी संस्था के सदस्यों द्वारा एक बदलाव रूपी प्रयास से अब वही मनीषा वर्तमान समय में पढ़ाई के साथ साथ  कंप्यूटर रुपी शिक्षा प्रदान की,जिससे वो वर्तमान समय में एक हिंदी समाचार पत्र के लिए हिंदी लेखनी का कार्य कर रही है | अब पढ़ाई के साथ साथ मनीषा शिक्षा के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक मदद प्रदान कर रही है | वर्तमान में मनीषा  10 वीं की परीक्षा परिणाम में प्रथम स्थान भी प्राप्त की है . इन्ही बच्चों रूपी सामाजिक बदलाव के क्रम में अपने सपने संस्था फेस टू फेस नामक अभियान शुरू किया है जिनमे पहले अभियान के तहत देहरादून के बिंदाल पुल के नीचे स्थित मलिन बस्तियों के बच्चों की शारीरिक स्वच्छता के साथ उनके वेष -भूषा में बदलाव लाया गया | वार्ता के दौरान उन्होंने कहा यह अभियान दूसरे चरण में अन्य मलिन बस्तियों की ओर रुख करेगा | इस अभियान के तहत उन बच्चों के परिवार को ईनाम स्वरूप 1000 रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी जो परिवार अपने बच्चों को निरन्तर उनके शारीरिक स्वच्छता व वेष- भूषा में  बदलाव स्थिर रखे रहेंगे | संस्था इस अभियान के तहत मलिन बस्तियों के बच्चों की स्वच्छता एवम स्वास्थ्य में एक अच्छा बदलाव आ सके जिससे समाज उनको अपना सके | संस्था इन सभी अभियान के साथ भूख - "हर पेट मे रोटी " नामक अभियान चला रही है जागरूकता के तहत लोगो को खाना बर्बाद ना कर असहाय एवम जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाने की अपील करती आ रही है साथ ही संस्था के सदस्य देहरादून के कुछ रेस्टोरेंट एवम हॉस्टलों से बचे हुए खाने को एकत्रित कर सड़क के फुटपाथ पर जरूरतमंद भूखे सो रहे लोगों को खाना खिलाने का कार्य करती आ रही है | संस्था द्वारा जरूरतमंद बच्चों को खेल रूपी गुण भी सिखाया जाता है जिससे उनके प्रतिभा को आगे बढ़ाया जा सके | इसके साथ साथ अपने सपने संस्था मुस्कान नाम से प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को संस्था के उन जरूरतमन्द बच्चो का जन्मदिन भी मनाता है  जिन बच्चों का जन्मदिन उस माह होते है ,उस दिन जन्मदिन के सभी कार्यक्रम इन जरूरतमन्द बच्चों के लिए संस्था में किये जाते है |

लॉक डाउन के समय में अरुण कुमार का कार्य

अरुण कुमार लॉक डाउन के शुरुआत समय से आज तक "मैं हूं ना..." अभियान के तहत जरूरतमंद 2100  परिवारों को राशन वितरण कर उनके संकट को दूर करने का प्रयास किया है।अपने सपने संस्था दिव्यांग और बुजुर्गों , मजदूरों , स्टूडेंट को देहरादून के सुभाषनगर, ओगल भट्टा , टर्नर रोड, कावली रोड, मद्रासी कॉलोनी , पटेलनगर, मोहब्बेवाला में राशन में आटा, चावल, रिफाइंड तेल प्रदान कर इस कोरोना महामारी के संकट के घड़ी में उनके लिए मदद का हाथ बढाये है |   अपने सपने संस्था जरूरतमंद बच्चों  के शिक्षा को सुचारू रूप से नए सत्र में आगे पढाई के प्रति  कुछ अभ्यास कर सके इसके लिए उनको संस्था द्वारा कापियां किताबे प्रदान की गई |   लॉकडाउन के कारण  इस समय अनेक प्राईवेट स्कूलों में ऑनलाइन द्वारा पढाई कराई जा रही है वही यह जरूरतमंद बच्चे इस समय उनके पास इस तरह की सुविधाऐ न होने के कारण पठन पाठन से वंचित ना हो इसके लिए अपने सपने संस्था संस्थापक अरुण कुमार यादव ने   सभी ऐसे बच्चों को पुरानी किताबो को एक दूसरे से अदान प्रदान करने के साथ  नई कापियां दिया,  संस्था के ऐसे 140 बच्चों को कापियां प्रदान किया गया | साथ साथ इन बच्चो की शिक्षा रुके नही उसके लिए अपने सपने उन बच्चों के पास जा कर उनको शिक्षा भी प्रदान कर रही है।

रोड पर नंगे पाँव मजदूरों एवं जरूरतमंद बच्चों , महिलाओं को नए चप्पलें प्रदान किये   टर्नर रोड एवं आईएसबीटी  स्थानों पर जो इतने तपते धूप में  बिना चप्पलों के रोड पर चल रहे मजदूरों एवं जरूरतमंद बच्चों , महिलाओं को नए चप्पलें प्रदान किये | अरुण कुमार ने  "कहि पैरों मे छाले न पड़ जाए...."  अभियान से आज इस तपते धूप में  बिना चप्पलों के रोड पर चल रहे मजदूरों एवं जरूरतमंद बच्चों , महिलाओं को नए चप्पलें प्रदान किये. अगर आप भी गरीब बच्चों की किसी भी प्रकार की मद्दत करना चाहें तो सम्पर्क कर एक्ट हैं। अरुण कुमार यादव, संस्थापक /अध्यक्ष, अपने सपने एनजीओ, देहरादून उत्तराखंड मोबाइल- 9411715345